मज़ा तो तब आए जब वक़्त बदले पर यार ना बदले।
तेरी बातें तेरे साथ बिताए लम्हें याद आते हैं
सच्ची दोस्ती बस दिल से निभाई जाती है जान।
पर दिल तोड़ना लड़कियों ने सिखाया, हड्डियाँ तोड़ना यारों ने।
“दोस्त वो जो भूख मिटाए, पर खाना शेयर न करे।”
सच तो ये है दोस्ती में सब बराबर होते हैं।
हमसे दुश्मनी करने का मतलब है अपनी हार मानना,
“हमारी यारी में दम है, दिखावे में नहीं।”
पर जो इसे समझ Dosti Shayari जाते हैं, उनका जीवन रोशन होता है।
हमारे रिश्ते में बस फुल एटीट्यूड ही छुपा है।
स्वाद भले ही न रहे पर कमबख्त भूख मिटा देती है।
सच्ची दोस्ती किसी खजाने से कम नहीं होती,
“दोस्त बोलें, ‘चलो घूमते हैं’, मगर पर्स कहे, ‘चलो घर चलते हैं।’”
फिर एंड में बोलेगा – कुछ नहीं हो सकता तेरा।